



UPSC हर वर्ष सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है। विभिन्न सार्वजानिक सेवाओं जैसे-IAS, IPS, IFS आदि के लिए एकीकृत परीक्षा आयोजित करता है, जो तीन चरणों में संपन्न होती है। इसका पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा, दूसरा चरण मुख्य परीक्षा एवं तीसरा यानी अंतिम चरण साक्षात्कार होता है। अंतिम रूप से चयनित होने के लिए अभ्यर्थियों को इसके प्रत्येक चरण से गुजरना होता है। इस लेख में हम परीक्षा के पैटर्न को विस्तार से समझेंगे। संस्कृति IAS Coaching सेंटर दिल्ली में UPSC के हिंदी मीडियम के लिए सबसे बेहतर UPSC Coaching कहा जाता है। हमारे पत्रकारों ने संस्कृति IAS के संस्थापक अखिल मूर्ति से UPSC के परीक्षा के विषय में गहन जानकारी प्राप्त की है।
पहला चरण (प्रारंभिक परीक्षा)
- सामान्यतः प्रत्येक वर्ष यह परीक्षा जून माह में आयोजित होती है।
- इस चरण में दो परीक्षाएं होती हैं। पहली, सामान्य अध्ययन-1 एवं दूसरी, सामान्य अध्ययन-2(अर्थात CSAT)
- दोनों परीक्षाएं बहुविकल्पीय(Objective) होती हैं।
- प्रत्येक परीक्षा दो घंटों की होती है। दोनों परीक्षाएं एक ही दिन आयोजित होती हैं।
- प्रत्येक प्रश्न-पत्र 200 अंकों का होता है, जिसमें गलत प्रश्न पर एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है।
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- पहले प्रश्न-पत्र के अंकों से प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट बनती है, जबकि CSAT क्वालीफाइंग होता है, जिसमे उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम एक तिहाई अंक लाने होते हैं।
- प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने के उपरांत ही अभ्यर्थी द्वितीय चरण के लिए अर्ह होता है।
द्वितीय चरण या मुख्य परीक्षा (Mains Exam)-
- इस परीक्षा में कुल नौ प्रश्न-पत्र होते हैं, प्रत्येक पेपर 3 घंटो का होता है।
- पहला प्रश्न-पत्र: यह प्रश्न-पत्र अनिवार्य भारतीय भाषा का होता है। यह 300 अंकों का होता है जिसमें, न्यूनतम 25 % अंक लाने होते हैं।
- दूसरा प्रश्न-पत्र: यह प्रश्न-पत्र English Language का होता है। यह भी 300 अंकों का होता है, जिसमें न्यूनतम 25 % अंक लाने होते हैं।
- तीसरा प्रश्न-पत्र: यह प्रश्न-पत्र निबंध का होता है। यह प्रश्न पत्र को दो खण्डों में विभाजित होता है, जिसके प्रत्येक खंड में 4-4 प्रश्न दिए होते हैं। हर खंड से 1-1 प्रश्न करना होता है, जिसके अंकों का योग्य 250 होता है।
- चार से सात तक के प्रश्न-पत्र: सामान्य अध्ययन के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-
प्रश्न-पत्र | विषय | अंक |
चौथा प्रश्न-पत्र
(सामान्य अध्ययन-1) |
भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज | 250 अंक |
पांचवां प्रश्न-पत्र
(सामान्य अध्ययन-2) |
शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध | 250 अंक |
छटवां प्रश्न-पत्र
(सामान्य अध्ययन-3) |
प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन) | 250 अंक |
सातवाँ प्रश्न-पत्र
(सामान्य अध्ययन-4) |
नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति | 250 अंक |
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- आठवां व नौवां प्रश्न पत्र: ये दोनों प्रश्न-पत्र किसी एक वैकल्पिक विषय के होते हैं। आयोग द्वारा सूचीबद्ध किसी एक विषय को अभ्यर्थी अपनी रूचि अनुसार चुन सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न-पत्र 250-250 अंकों का होता है।
नोट:- मुख्य परीक्षा के पहले प्रश्न-पत्र एवं दूसरे प्रश्न-पत्र के अंकों को चयन की अंतिम मेरिट लिस्ट के निर्धारण में शामिल नहीं किया जा सकता है। मुख्य परीक्षा शेष सभी प्रश्न-पत्रों के अंक मेरिट निर्धारण में शामिल होते हैं।
तृतीय चरण (साक्षात्कार)-
यह सिविल सेवा का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण है। अन्य प्रश्न-पत्रों की तरह इसका कोई निश्चित पाठ्क्रम नहीं हैं। यह 275 अंकों का होता है। मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के अंकों के योग से ही मेरिट बनती है।
उक्त प्रकार से UPSC सिविल सेवा परीक्षा का पैटर्न निर्धारित हैं। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया से प्रतिभागी गुजरकर अधिकारी बनते हैं।